ज्ञान की जीवन्त परम्परा
सनातन वैदिक परम्परा, चरित्र निर्माण एवं समग्र व्यक्तित्व विकास का पावन गुरुकुल केन्द्र।
आधुनिक युग में वैदिक शिक्षा
श्री राम लला गुरुकुलम् preserves the sacred Vedic tradition of Bharat, nurturing young minds to become responsible, disciplined, and knowledgeable citizens rooted in dharma and Bharatiya culture.
Under the direct guidance of revered Acharyas, students delve into the study of the Samhitas, Paninian grammar, Shastras, and modern disciplines within a serene, nature-aligned Gurukula setting.
हमारी जीवन पद्धति एवं संस्कार
वैदिक अध्ययन
ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद एवं अथर्ववेद की संहिताओं का सस्वर कण्ठस्थीकरण एवं उनके दार्शनिक रहस्यों का गम्भीर अध्ययन।
संस्कृत एवं शास्त्र
पाणिनीय व्याकरण (अष्टाध्यायी, सिद्धान्तकौमुदी), तर्कशास्त्र, न्याय एवं वेदान्त का ग्रन्थ-आधारित गम्भीर चिन्तन।
योग एवं अनुशासन
प्रतिदिन योगासन, प्राणायाम, त्रिकाल सन्ध्योपासन, दैनिक अग्निहोत्र यज्ञ एवं ध्यान द्वारा शारीरिक व आत्मिक पवित्रता।
भारतीय ज्ञान परम्परा
वैदिक गणित, सिद्धान्त ज्योतिष, आयुर्वेद के मूलभूत सिद्धान्त, पर्यावरण संरक्षण एवं स्थापत्य ज्ञान का समन्वित अध्ययन।
चरित्र निर्माण
सत्य, शौच, दया, स्वावलम्बन, गुरुभक्ति, विनय एवं सनातन जीवन मूल्यों का व्यावहारिक जीवन में समावेश।
सेवा एवं लोक-कल्याण
गुरुकुल की गोशाला में गो-सेवा, प्राकृतिक कृषि, वृक्षारोपण एवं ग्राम सेवा के माध्यम से लोक-संग्रह की भावना का विकास।
शैक्षणिक शाखाएं
वेद
वेदों, संहिताओं एवं वैदिक परम्पराओं का सांगोपांग अध्ययन।
शास्त्र
ज्योतिष, मीमांसा, व्याकरण, न्याय, सांख्य एवं दर्शन।
संस्कृत
व्याकरण, साहित्य एवं संस्कृत सम्भाषण।
योग
योगासन, प्राणायाम, ध्यान एवं योग दर्शन।
भारतीय विज्ञान
आयुर्वेद, ज्योतिष, वास्तुशास्त्र, प्राकृतिक कृषि आदि।
समकालीन शिक्षा
अंग्रेजी, कम्प्यूटर, गणित, सामान्य विज्ञान आदि।
गुरुकुलम् में एक दिन
आगामी आयोजन एवं महोत्सव
श्री गुरु पूर्णिमा महोत्सव एवं वेदव्यास पूजन
29 Jul 2026📍 श्री राम लला गुरुकुलम्
अखिल भारतीय शास्त्रार्थ परिषद् एवं विद्वत् संगोष्ठी
19 Aug 2026📍 श्री राम लला गुरुकुलम्
श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव एवं अखण्ड गीता पाठ
08 Sep 2026📍 श्री राम लला गुरुकुलम्
वैदिक संहिता सस्वर पाठ एवं स्वर साधना
अनुभव एवं उद्गार
अभिभावकों, विद्वज्जनों एवं आगन्तुकों के पावन विचार
श्री रामलला गुरुकुलम् के बालकों द्वारा वेद मन्त्रों का सस्वर पाठ एवं पाणिनीय व्याकरण की सिद्धि देखना अत्यन्त आह्लादकारी है। यह गुरुकुल सनातन ज्ञान परम्परा का एक आदर्श प्रकाश स्तम्भ है।
Prof. S. N. Ranganathan
Former Vice Chancellor, Sanskrit University
अपने पुत्र को श्री रामलला गुरुकुलम् में प्रवेश दिलाना हमारे जीवन का सर्वोत्तम निर्णय था। यहाँ की सात्विक दिनचर्या एवं आचार्यों के स्नेहपूर्ण मार्गदर्शन ने उसके चरित्र एवं बुद्धि को निखार दिया है।
Shri Rameshwar Prasad Sharma
Parent of Rigveda Student, Prayagraj
प्रभु श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या में यह गुरुकुल श्रुति-परम्परा के पुनरुत्थान का दिव्य केन्द्र है। दैनिक अग्निहोत्र में बालकों की एकाग्रता और आचार्यों का तपस्वी जीवन हृदय को स्पर्श करता है।
Mahant Swami Vidyananda Saraswati
Peethadheesh, Veda Seva Ashram, Ayodhya Dham
एक माता के रूप में मुझे सबसे अधिक संतोष इस बात का है कि यहाँ आचार्यों का स्नेहिल मातृत्व-तुल्य संरक्षण मिलता है। वेद विद्या के साथ-साथ यहाँ बच्चों में योग, स्वास्थ्य और उच्च संस्कारों का रोपण होता है।
Smt. Gayatri Devi Tripathi
Parent of Samaveda Vidyarthi, Lucknow
इस पावन गुरुकुल में प्राप्त अनुशासन, मन्त्र साधना और पाणिनीय तर्कपद्धति मेरे जीवन की सर्वोच्च धरोहर है। यहाँ का शिक्षण केवल विद्यार्जन नहीं, अपितु जीवन को ऋषितुल्य बनाने का महायज्ञ है।
Acharya Vedaprakash Dixit
Gold Medalist & Alumnus, Principal Veda Adhyapaka
ऐसी संस्थाएँ विरली हैं जो प्राचीन श्रुति-कंठस्थीकरण के साथ गंभीर शास्त्रार्थ एवं समकालीन चिंतन का ऐसा अद्भुत समन्वय प्रस्तुत करती हों। यह गुरुकुल राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है।
Dr. Devendra Nath Ojha
Former Dean of Sanskrit & Indology, BHU