अकादमिक पाठ्यक्रम

शास्त्र

ज्योतिष, मीमांसा, व्याकरण, न्याय, सांख्य एवं दर्शन।

पाठ्यक्रम रूपरेखा

शास्त्र अध्ययन विभाग में तार्किक चिन्तन एवं शास्त्रार्थ की परम्परा को पुनर्जीवित किया जाता है, जिससे छात्र प्रामाणिक दार्शनिक चिन्तक बन सकें।

पाठ्यक्रम रूपरेखा

तर्कसंग्रह, न्यायमुक्तावली, वेदान्तसार, ब्रह्मसूत्र शाङ्करभाष्य एवं मीमांसान्यायप्रकाश।

अकादमिक पाठ्यक्रम

शास्त्र (प्रथमा एवं मध्यमा पाठ्यक्रम)

अवधि: 5 Years (Residential)

इस पाठ्यक्रम के माध्यम से छात्रों को मन्त्र कण्ठस्थीकरण के साथ-साथ व्याकरण एवं व्यावहारिक ज्ञान में दक्ष बनाया जाता है।

पात्रता एवं मापदंड: 10 से 14 वर्ष के बालक, प्राथमिक शिक्षा उत्तीर्ण तथा सनातन संस्कारों के प्रति समर्पित।